वो जो महफ़िल में बेनकाब आया

 याद जब आपको मेरी सताए मुझे खत लिखना
 पैगाम अपने दिल का मेरे नाम लिखना
 पास आपके मैं आ जाऊंगा हवा की तरह
 आंखें जुदाई में भर जाए तो मुझे खत लिखना


 हाथों की रेखा देखिए हमने बहुत करीब से
मिली हमें दोबारा जिंदगी तुम्हारे नसीब से

वो जो महफ़िल में बेनकाब  आया. यू लगा जैसे मेहताब आया
बाद मुद्दत के सही लेकिन जब जवाब आया तो लाजवाब आया

j tras

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