दिल को रहता है जिसका इंतजार
क्या यही होता है प्यार
मुझको कोई तो बताओ कोई समझाओ
सदियों से प्यासा ये मन तुमको देखने को तरसे
बिन बादल बरखा बरसे प्यासा सावन बरसात को तरसे
रह- रहकर याद उसकी दिल को जलाए
नादान थे हम कुछ यारो जो उसको समझ ना पाए
ठोकर खाकर जाने कितने पल हमने तंहा बिताए
कोई कैसे इसका हिसाब लगाएं कोई हमको बताएं
क्या यही होता है प्यार
मुझको कोई तो बताओ कोई समझाओ
क्यों रहता है दिल को उसका इंतजार
सदियों से प्यासा ये मन तुमको देखने को तरसे
बिन बादल बरखा बरसे प्यासा सावन बरसात को तरसे
रह- रहकर याद उसकी दिल को जलाए
नादान थे हम कुछ यारो जो उसको समझ ना पाए
ठोकर खाकर जाने कितने पल हमने तंहा बिताए
कोई कैसे इसका हिसाब लगाएं कोई हमको बताएं