कुछ पल की मुलाकातों का यूं ही बातों बातों का
उन हसीन यादों का दर्द इस दिल में जग जाता है
दो पल की जुदाई सदयों में बदल जाती है
जब दोस्ती का रिश्ता प्यार में बदल जाता है
मेरी मोहब्बत का यारो आगाज निराला था
उसकी हर मुस्कान का यारो हर कोई दीवाना था
वह भी क्या दिन थे हमसे मत पूछो
उससे मिलने का हर रोज नया बहाना था
उन हसीन यादों का दर्द इस दिल में जग जाता है
दो पल की जुदाई सदयों में बदल जाती है
जब दोस्ती का रिश्ता प्यार में बदल जाता है
मेरी मोहब्बत का यारो आगाज निराला था
उसकी हर मुस्कान का यारो हर कोई दीवाना था
वह भी क्या दिन थे हमसे मत पूछो
उससे मिलने का हर रोज नया बहाना था