मेरी.. हसरतों.. का.. तू.. मुकाम है
मेरे मचलते दिल का तू इनाम है
जिसके आने से दिल को चैन मिले
मेरे.. दिल.. का.. तू वो मेहमान है
चाहे तो हमको कितना भी सता ले
एक दिन हम तुमको अपना बना लेंगे
हमारे दिल से तुम्हारे दिल के तार मिले हैं
देखो आज यहां कितने प्यार के फूल खिले हैं
बदला है मौसम भी प्यार की हवा चलने लगी है
तुम्हारे प्यार की आग हमारे दिल में जलने लगी है
मेरे मचलते दिल का तू इनाम है
जिसके आने से दिल को चैन मिले
मेरे.. दिल.. का.. तू वो मेहमान है
तेरी यादों से कुछ सपने हम चुरा लेंगे
इन अंधेरों से हम रोशनी खिला लेंगेचाहे तो हमको कितना भी सता ले
एक दिन हम तुमको अपना बना लेंगे
हमारे दिल से तुम्हारे दिल के तार मिले हैं
देखो आज यहां कितने प्यार के फूल खिले हैं
बदला है मौसम भी प्यार की हवा चलने लगी है
तुम्हारे प्यार की आग हमारे दिल में जलने लगी है